Saturday, 24 January 2009

...और वरुणा तट रोशनी से जगमग हो उठा...














































वरुणा देव दीपावली को "हमारी वरुणा" के प्रयासों से क्षेत्रीय नागरिको ने वरुणा के स्वच्छता सरंक्षण और शुचिता के संकल्पों के साथ शास्त्री घाट पर दीपक जलाया तो संपूर्ण वरुणा तट दीपो की रोशनी से जगमग हो उठा।
इस नयनाभिराम दृश्यों को हमारे कार्यकर्ता अंकुर विस्वकर्मा ने अपने कमरे की नजर से देखा। प्रस्तुत है अंकुर के कमरे की आँख में कुछ यादगार दृश्य.

Thursday, 8 January 2009

नुक्कड़ नाटको द्वारा वरुण के लिए जन जागरूकता

वरुणा के प्रति आम जन की जन जागरूकता के लिए हमारी वरुणा द्वारा वरुणा नदी के तटवर्ती गावों में नुक्कड़ नाटकों के मध्यम से लोगों को जल संकट एवं जीवन में वरुणा के महत्त्व के बारे में बताया गया। इस अवसर पर गाँव वालो ने सकल्प लिया की हम वरुणा को मिटने नही देंगे.














Monday, 5 January 2009

वरुणा : अखबारों में
















दिसम्बर २००८ में वाराणसी से प्रकाशित हिंदुस्तान दैनिक ने
वरुणा के दुर्दशा पर एक लम्बी श्रृंखला प्रकाशित किया।
जिसमे वरुणा से सम्बंधित इतिहास , पौराणिक कथाओं के साथ आज के वरुणा का भी वर्णन किया गया.

Tuesday, 2 December 2008

हम होंगे कामयाब एक दिन : हमारी वरुणा के लोगो निर्माता मनोज भाई

हम होंगे कामयाब एक दिन
हमारी वरुणा का यह प्रतीक चिह्न हमारे स्वयंसेवी कार्यकर्ता श्री मनोज श्रीवास्तव 'चंदू' जी ने बनाया है। मनोज भी पेशे से कंप्यूटर शिक्षक है और हमारे साथ शुरूआती दौर से ही जुड़ कर वरुणा संरक्षण के प्रयासों में लगे हुए है।मनोज भाई वरुणा तट पर वाराणसी के अर्दली बाजार मोहल्ले में रहते है । मनोज जी के पिता जी स्वयं वरुणा के लिए चिंतित रहा करते थे , उन्हें मोहल्ले के लोग डाक्टर साहब के रूप में जानते थे उन्होंने स्वच्छ और निर्मल वरुणा का सपना आज से २५ वर्ष पूर्व देखा था। डाक्टर साहब कों यह आभाष था कि आने वाले दिनों में वरुणा दुर्दशाग्रस्त होंगी । इसके लिए उन्होंने अपने तरफ से काफी प्रयास भी किया था। उनके द्वारा बनायीं गयी योजनाये हमे आज भी मार्गनिर्देशन देती है।

प्रतीक चिह्न के बारे में मनोज जी ने बताया की ऊपर सारनाथ स्थित धमेक स्तूप वरुणा और बौद्ध धर्म के प्राचीनतम संबंधो कों बताता है , साथ में वाराणसी कचहरी स्थित वरुणा पुल अपने आप में वास्तु का अद्भुत नमूना है। पुल के नीचे ऊपर की ओर उठी हुई नाव जिस पर हमारी वरुणा उकेरा गया है। हमारे संकल्पों और आस्था का प्रतीक है, जो यह बताता है की हम अपने संकल्पों से वरुणा कों उसका पुराना स्वच्छ और निर्मल स्वरुप अवस्य दिलाएंगे।

मनोज भाई कों बधाई , आज जब उनके बनाये हुए प्रतीक चिह्न कों देख लोग हमारे कार्यक्रमों से जुड़ रहे है तब हम मनोज जी के आत्मविश्वास और आस्था में खुद के लिए बार बार एक सन्देश पाते है " हम होंगे कामयाब एक दिन , हमे पूरा है विश्वास........."

वरुणा देव दीपावली{कार्तिक पूर्णिमा} १३ नवम्बर २००८

कार्तिक पूर्णिमा १३ नवम्बर २००८ को लाल बहादुर शास्त्री घाट वरुनापुल पर हमारी वरुण द्वारा देव दीपावली सद्भावना महोत्सव का आयोजन कर क्षेत्रीय जनता को वरुणा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस आयोजन में १०० बटालियन एन सी सी उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी के सहयोग से सहीद सम्मान एवं पर्यावरण जागरूकता रैली निकली गई।





दिन भर निशुल्क चिकित्सा सेवा सिविर लगाया गया। साम को विभिन्न विद्यालयों द्वारा पर्यावरण प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी।








Monday, 24 November 2008

इंडिया वाटर पोर्टल के हिन्दी सन्सकरण पर वरुणा नदी पर चर्चा

१८ नवम्बर २००८ को नई दिल्ली के कांस्तितुशनल क्लब में इंडिया वाटर पोर्टल के हिन्दी सन्सकरण का उद्घाटन केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री जय प्रकाश यादव ने किया। श्री यादव ने आशा व्यक्त किया की इस पोर्टल के माध्यम से हम पानी और पानी से सम्बंधित मुद्दों को एक दुसरे से अपनी भाषा में आसानी से बाँट सकेंगे। अर्घ्यम की अध्यक्षा सुश्री रोहिणी नीलकेनी ने स्वागत करते हुए पोर्टल को सफल और सबल बनाने की अपील की।
इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित वाराणसी से आए हमारी वरुणा के संयोजक व्योमेश चित्रवंश ने वाराणसी को नाम देने वाली आदि नदी वरुणा के दुर्दसा पर लोगो का ध्यान आक्रिस्ट करते हुए कहा की नदिया हमारे लिए प्रकृति की धरोहर के रूप में अमूल्य उपहार हैं जिन्हें हमे अपनी अगली पीढी को और अच्छे रूप में सौपना है। उन्होंने हमारी वरुणा द्वारा किए जा रहे कार्यो को बताते हुए वरुणा के प्रदुषण वबर्बादी पर एक सलिदे शो भी दिखाया।
कार्यक्रम में प्रख्यात जल शास्त्री डाक्टर अनुपम मिश्रा, उपेन्द्र शंकर ( jaldhara) , सिराज केशर, रवि घटे, संजय तिवारी,मनोज शर्मा के अतिरिक्त बरी संख्या में पत्रकार एवं जल योद्धा व कार्यकर्ता मोजूद थे.

Sunday, 19 October 2008

डाक्टर जोशी कमेटी की रिपोर्ट लागु करने के लिए धरने (वाराणसी मुख्यालय १६actuber2008) के कुछ पल







डाक्टर जोशी कमेटी की रिपोर्ट लागु करने के लिए धरना


हमारी वरुणा द्वारा वाराणसी जिला मुख्यालय पर डाक्टर जोशी कमेटी की रिपोर्ट लागु कर उसके अनुसार अविरल गंगा की धारा हेतु धरासू से कोटेश्वर तक वैकल्पिक गंगा जल प्रवाह निकले जाने हेतु धर्न्र का आयोजन किया गया। सूर्य भान सिंह "पृथ्वी मित्र" के नेतृत्व में इस धरने में डाक्टर व्योमेश चित्रवंश , ओम प्रकाश पाण्डेय , अजय यादव ,राजीव, डाक्टर अरविन्द सिंह, अजय श्रीवास्तव ने विचार व्यक्त करते हुए गंगा की अविरल व् पवित्र प्रवाहमान धारा को कशी तक आने के लिए जोशी कमेटी के संस्तुतियों को लागु करने की मांग की। धरने के पश्चात एक प्रतिनिधि मंडल जिला प्रशासन से मिल कर राष्ट्रपति जी को ज्ञापन प्रेषित कर इस सम्बन्ध में तत्काल हस्तक्षेप की मांग किया।
हमारी वरुणा का यह माननाहै की नदिया हमारे लिए प्रकृति की उपहार है इन्हे किसी भी रूप में विकृत नही किया जन चाहिए। इसी सोच के साथ हमने गंगा पर बनाये गए अवरोध टिहरी बाँध का सदैव विरोध किया है। हम विकास के विरुद्ध नही है परन्तु विकास को विनास के मूल्य पर नही स्वीकार सकते।

आज गंगा नदी का जल गन्दा जल हो गया है । गंगोत्री व् गोमुख से चली अविरल व् प्राकृतिक गुणों वाली गंगा को बाँध कर संपूर्ण मैदानी क्षेत्रो को गंगा के ओसधीय व् पवित्र जल से वंचित किया जा रहा है। गंगा को अविरल प्रवाहित होना ही चाहिए, यह संपूर्ण देश व् समाज के हित में है। आज जरुरत है गंगा को राष्ट्रीय नदी के रूप में घोषित करने की। इन्ही मांगो को लेकर हमारी वरुणा द्वारा वाराणसी जिला मुख्यालय पर धरना दिया।
हमारी वरुणा सह संजोजक सूर्य भान के नेतृत्व में आयोजित इस धरने को डॉक्टर व्योमेश चित्रवंश, अजय श्रीवास्तव ,ओम प्रकाश पाण्डेय , अरविन्द सिंह ने संबोधित किया.














Thursday, 16 October 2008

आज की वरुणा नदी : अंकुर के कैमरे की नजर से






































अंकुर विस्वकर्मा अभी मात्र १८ साल के है । वे अभी बी.बी .ऐ की पढाई कर रहे है । लेकिन आज के वरुणा के हालत को देख वे भी दुखी है। अंकुर एक बहुत ही अच्छे फोटोग्राफर है। इनके इस सौक को देखते हुए हमारी वरुणा के संयोजक डाक्टर व्योमेश चित्रवंश ने इन्हे वरुण के मोजुदा स्वरुप का छायांकन का कार्य सौपा। दिए हुए चित्र अंकुर द्वारा ही लिए गए है। जिनमे से कुछ तो पुरस्कृत भी हो चुके है। दिल्ली में आयोजित साउथ एशिया कन्वेंशन आन एलिंग एंड डेड रिवर्स में व्योमेश एवं सूर्यभान द्वारा इन्ही चित्रों को दिखा कर वरुणा की समस्या से लोगो को परिचित कराया गया .

हमारी वरुणा अभियान का धरना











क्या हमारी जीवनदायिनी नदियों का स्वरुप ऐसा ही होता है?




हमारी वरुणा अभियान की गंगा मुक्ति आन्दोलन में हिस्सेदारी


Tuesday, 14 October 2008

वरुणा देव दीपावली सद्भावना महोत्सव 2008

वाराणसी को पहचान देने वाली प्राचीन नदी वरुणा के प्रति जागरूकता एवं रास्ट्रीय सद्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्तिक पूर्णिमा १३ नवम्बर २००८ को लाल बहादुर शास्त्री घाट पर इस वर्ष का वरुणा देव दीपावली महोत्सव मनाया जाएगा। इस सम्बन्ध में बताते हुए हमारी वरुणा अभियान के सह संयोजक सूर्य भान सिंह 'पृथ्वी मित्र' ने बताया कि हमारी वरुणा के संयोजक डाक्टर व्योमेश चित्रवंश होंगे .